हालिया शोधों से पता चला है कि शराब पीने से कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है। केवल अमेरिका में ही लगभग 10 लाख कैंसर के मामलों के लिए शराब जिम्मेदार है, जिसमें हर साल करीब 20,000 लोगों की मौत होती है। इन मामलों को रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों को शराब से होने वाले खतरों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
शराब और कैंसर का गहरा संबंध
अमेरिका के सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने सुझाव दिया है कि शराब की बोतलों पर कैंसर से संबंधित स्पष्ट चेतावनी लिखी जानी चाहिए। यह सुझाव एक अध्ययन के बाद आया, जिसमें शराब के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को उजागर किया गया।
शराब के सेवन से कैंसर का खतरा
शराब के सेवन से 7 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है, जिनमें शामिल हैं:
- मुंह का कैंसर
- गले का कैंसर
- इसोफेगस (भोजन नली) का कैंसर
- ब्रेस्ट कैंसर
- लिवर कैंसर
- कोलन कैंसर
- रेक्टम कैंसर
2020 तक, दुनिया भर में 741,300 कैंसर के मामलों का कारण शराब बन चुकी है।
बीयर और हल्के शराब पीने वाले भी सावधान
कई लोग सोचते हैं कि बीयर या हल्की मात्रा में शराब पीना सुरक्षित है, लेकिन शोध इसे खारिज करते हैं। हल्की शराब पीने से भी मुंह, ब्रेस्ट और वॉयस बॉक्स के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- रिपोर्ट के अनुसार, 100 में से 17 महिलाएं, जो सप्ताह में एक या उससे कम ड्रिंक लेती हैं, उनमें कैंसर का खतरा अधिक होता है।
- शराब का सेवन किसी भी व्यक्ति में 19% तक कैंसर का खतरा बढ़ा देता है।
गर्भवती महिलाओं पर प्रभाव
शराब और बीयर की बोतलों पर पहले से ही चेतावनी लिखी होती है कि गर्भावस्था में शराब पीने से बच्चे के जन्म में समस्या हो सकती है। लेकिन कैंसर जैसे बड़े जोखिमों की जानकारी अभी तक पर्याप्त रूप से नहीं दी गई है।
शराब उद्योग पर असर
डॉ. मूर्ति के सुझाव के बाद अमेरिका और यूरोप में शराब निर्माताओं के शेयरों में गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि इस उद्योग पर स्वास्थ्य चेतावनियों का असर पड़ रहा है।
निष्कर्ष
शराब पीने से कैंसर का खतरा बढ़ता है, चाहे मात्रा कम हो या ज्यादा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शराब से जुड़े जोखिमों को लेकर लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। कैंसर के जोखिम को कम करने का एकमात्र तरीका शराब का सेवन पूरी तरह से बंद करना है।
